गिरिडीह : माले के गिरिडीह विधानसभा प्रभारी राजेश सिन्हा ने शनिवार को कहा कि उसरी नदी का पुराना पुल गिरिडीह के लिए लाइफ लाइन है। कई दशकों से दृढ़ता के साथ खड़ा पुल आज खस्ता हाल है। कॉलेज, स्कूल, ब्लॉक, मोहल्ला, बस्ती जाने वाले लोग परेशान हैं।
धरातल पर काम नहीं
कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के द्वारा ढोल-नगाड़ों के साथ पुल को बनने के लिए ताम झाम हुआ जबकि झारखंड में लगभग 15- 16 साल भाजपा रही, उनको यह पुल उस समय नहीं दिखा कि स्थिति जर्जर हो गई है। अब सरकार बदल गई, जेएमएम की सरकार आई। इसपर पहल नहीं हुई, जो पहल हुई होगी, कागज पर हुई हुई होगी क्योंकि धरातल पर दिखता नहीं है।
कहा कि माले हमेशा इस पुल के लिए आवाज उठाता रहा है। लोगों को भी जागरूक कर रहा है। जेएमएम और बीजेपी ही ऑप्शन नहीं है। यदि ऐसी हालत बगोदर में होती तो आज यह हाल नहीं होता।
अब होगा जन आंदोलन
श्री सिन्हा ने कहा कि आस-पास मुहल्ले के लोगों को लेकर बहुत जल्द लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा। आस-पास के लोगों से अपील करेंगे कि लगातार आंदोलन का हिस्सा बनें। आंदोलन के नाम से ही सांसद और अन्य प्रतिनिधियों की नजर पड़ेगी और कार्य में तेजी लाने का काम होगा। तीन महीने पहले भी माले ने इसपर चर्चा की थी तो एक लेटर वायरल हुआ था लेकिन कार्य नहीं हुआ। प्रतिनिधि से निवेदन है कि इस पुराने पुल को जल्द से जल्द बनाने का कष्ट करें। जनता भी आभारी रहेगी, जनता को बार बार गुमराह किया जा रहा है। आम जनता जागरूक हो और एक सप्ताह के अंदर बड़े आंदोलन की बात को सोचे।
एकजुटता है जरूरी
श्री सिन्हा ने कहा कि इस कार्य में सभी सामाजिक और राजनीतिक पार्टियों को एक होने की जरूरत है। हम सब मिलकर जल्द खास तरीके से पुल के लिए लड़ाई लड़ेंगे। प्रशासन ने हादसा को ध्यान में रखते हुए पुल को दो पहिया के लिए भी बंद कर दिया है। मजबूरी भी है किंतु प्रशासन भी पुल जल्द बने, इसपर पहल करने का कष्ट करे जनता परेशान है। उपायुक्त को जल्द ही ज्ञापन दिया जाएगा।


